Tuesday, 22 March 2022

प्रिय,#भगत जय भारत !लाल सलाम .. !!

 प्रिय,#भगत 
जय भारत !
लाल सलाम .. !!

उस दिन आप तिनो फासी के तख्त पे हसते हसते चढे और सारा काम चौपट हुवा.भागनवाला आप जाने के बाद  यह देश आझाद तो हुवा लेकीन,सत्ता गोरे अंग्रेजोंके हाथोसे निकलकर इन काले सफेदपोश बदमाशोंके हाथो मे चली गई.एक चोर चले गए तो दुसरे चोर आ गए .. 
       
भगत आपके #समाजवादी देश निर्माण का सपना सपनाही रह गया l यहा टाटा,बिर्ला,आदानी,आंबाणी स्वतंत्रता के बाद अमिर हुए और आपने गरिब के गरिब ही रह गए l आज हजारो किसान जीने के वजाय मरना पसंद करते है l #भगता किसान भी फासी चढते है लेकीन देश के लिए नही पेट की भुख के लिए l सिमा पे जितने जवान मरते नही उससे जादा किसान देशभर मे हर रोज मरते है l 
    
भगत आपके नारे आज भी गुंजते है गली गली चौबारे पे,सडक पे कॉलेज मे l आपके स्लोगण लगते है दिवारोपे,घरोमे और शहरो मे l आपकी किताबे बडी सस्तेमे बिकती है l 

ए भगता तु सब जगह है l 
फिरफी सुनी जै इस देश की सडके गलिया चौबारे कॉलेज शहर और गांव l 

आज भी भुखी सोती है भारत माता l 
दो किलो चावल चोरी करते हुए पकडे जाने पर  पिटपिटकर मार दिया जाता है भुखे बेबस लाचार को .. 

किस #आझादी के सपने देखे थे अपने भगतजी .. 

किसके वास्ते आप फासी पे चढे थे .. 

समाजवाद का सपना टुट गया. इंक्लाब झिंदाबाद कहा है ?

 इस देश के नौजवान मश्गुल लै हिंदुत्वके नारोंमे l गाय बचानी है उनको और काटने है इंसान दलीत हो या मुसलमान l 

इस देश मे बिक गए सारे इमानदार ... सब जगह चल रही है इमानदारी की नौटंकी ..

आपका बलिदान सिर्फ २३ मार्च को याद आता है .. 

कुछ फुल चढते है दर्गे की चादर की तरह .. 

गलत हुवा भगतजी .. 

आपने मांगनी चाहिए थी माफी सावरकर की तरह .. 

आपने झुकाना चाहिए था आपन सर अंग्रेजोंके सामने .. 

कम से कम गांधी नेहरु की तरह सत्ता तो मिलती. 
या फिर सौ साल जिने की ग्यारेंटी .. 

मेरे #शहिदे_आझम .. 
पर कुछ चिराग आज भी जल रहे है आपकी क्रांतीकारी भूमिकाए लिए .. 
कुछ नौंजवा कारवा बना रहै आपके सपनोंके भारत का .. 
फिर चलेंगे #इंक्लाब के नारे .. 
फिर जगेंगी सर्फरोशी की तम्मन्ना कई सांरे दिलो मे... 
फिर नारे लगेंगे 

#इंक्लाब_जिंदाबाद 
#इंक्लाब_जिंदाबाद .. 

आपका 

कॉ.नितीन सावंत 
9970744142

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